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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठघर का बना सेरेलक |
हर मां चाहती है कि उसके ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠका विकास सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीके से हो। इसके लिठहर मां अपने शिशॠको पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ देती है। इसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के सेरेलक à¤à¥€ शामिल हैं। हालांकि, टीवी पर कई तरह के डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द इंसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट सेरेलक मिकà¥à¤¸ के विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨ आते हैं, लेकिन उनमें पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ उतनी नहीं होती, जितनी घर में बने सेरेलक की होती है। इसलिà¤, घर का बना सेरेलक बचà¥à¤šà¥‡ को फायदा पहà¥à¤‚चता है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम सेरेलक के बारे में ही बात करेंगे। इस लेख के जरिठहम बताने की कोशिश करेंगे कि शिशॠको कब से सेरेलक देना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिठऔर किस-किस पà¥à¤°à¤•ार से इसे बनाया जा सकता है।
घर का बना सेरेलक कà¥à¤¯à¤¾ है?
घर में बना सेरेलक सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। इसे दलिया, फलों के गूदे, सूखे मेवे और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की दालों को मिकà¥à¤¸ करके बनाया जाता है। यह सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ के शारीरिक विकास के लिठजरूरी है और बाजार में मिलने वाले सेरेलक से कई गà¥à¤¨à¤¾ बेहतर है।
आगे हम बता रहे हैं कि शिशॠको किस माह से सेरेलक देना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‡ को सेरेलक कब देना चाहिà¤?
बचà¥à¤šà¤¾ जब छह महीने का हो जाता है, तब उसका पाचन तंतà¥à¤° बेहतर हो जाता है। वह ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को पचाने में सकà¥à¤·à¤® हो जाता है। इस दौरान उसे मां के दूध के अतिरिकà¥à¤¤ अनà¥à¤¯ आहार की à¤à¥€ जरूरत होती है, ताकि उसे पूरà¥à¤£ पोषण मिल सके। इसलिà¤, आप उसे दलिया, दाल का पानी व सेरेलक आदि दे सकती हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आप उसे à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š दें। अगर वह इसे हजम कर ले, तà¤à¥€ उसे और दें। छह माह के शिशॠको दिनà¤à¤° में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के साथ-साथ चार-आठचमà¥à¤®à¤š सेरेलक दिया जा सकता है (1)।
आइà¤, अब जान लेते हैं कि शिशॠके लिठसेरेलक कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ फायदेमंद है।
घर में बने सेरेलक के फायदे
यहां हम घर में बने सेरेलक के फायदे गिना रहे हैं, जो इसे खास बनाते हैं :
सबसे पहली बात यह है कि इसे मां बेहद पà¥à¤¯à¤¾à¤° से बनाती है, तो उसका असर शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर जरूर होता है।
आप शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसमें विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह की सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मिकà¥à¤¸ कर सकती हैं, ताकि वह उसे खà¥à¤¶ होकर खाà¤à¥¤
इसमें डलने वाली सà¤à¥€ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ घर की होती हैं, इसलिठशिशॠको à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने की आशंका कम ही होती है।
इसमें पड़ने वाली सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ होती हैं, इसलिठशिशॠका पाचन तंतà¥à¤° अचà¥à¤›à¥€ तरह काम करता है और कबà¥à¤œ व à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती।
घर में बनने वाला सेरेलक रसायन मà¥à¤•à¥à¤¤ होता है और ताजा à¤à¥€ होता है।
इसमें रागी à¤à¥€ डाली जा सकती है, जो कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से समृदà¥à¤§ होती है। इससे शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होती हैं।
सेरेलक में दालें à¤à¥€ मिकà¥à¤¸ की जाती है, जो पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैं और शिशॠके बेहतर विकास
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